
*दूधतलाई क्षेत्र में हुआ सामूहिक वृक्षारोपण, लगभग 1700 पौधे रोपित कर मनाया गया हरियाली महोत्सव*
खण्डवा//हरियाली महोत्सव 2025 के अंतर्गत दूधतलाई क्षेत्र में नगर निगम खंडवा द्वारा वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 1700 पौधों का सामूहिक रूप से रोपण किया गया।
*विशिष्ट जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की उपस्थिति*
कार्यक्रम में मुख्य रूप से महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव, विधायक श्रीमती कंचन मुकेश तनवे,जिला अध्यक्ष श्री राजपाल तोमर, MIC सदस्य श्री सोमनाथ काले, पूर्व जिला अध्यक्ष श्री सेवा दास पटेल सहित कई पार्षदगण, जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारीगण उपस्थित रहे।
पुलिस अधीक्षक श्री मनोज राय, अपर पुलिस अधीक्षक श्री महेन्द्र तारणेकर, आयुक्त श्रीमती प्रियंका राजावत, उपायुक्त श्री एस. आर. सिटोले सहित अन्य निगम अधिकारी, कर्मचारी एवं पुलिस विभाग के कर्मियों ने भी इस वृक्षारोपण अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाई।
*महापौर का संदेश: पौधों की सुरक्षा ही है असली हरियाली*
महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा—
“सिर्फ पौधारोपण करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि रोपित पौधों की देखभाल और उनकी सुरक्षा करना ही इस अभियान की वास्तविक सफलता होगी। हर नागरिक को एक पौधा लगाने के साथ-साथ उसकी संरक्षा की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए।”
*दूधतलाई क्षेत्र में हो रहा है अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत कायाकल्प*
दूधतलाई क्षेत्र को अमृत 2.0 योजना के तहत पुनर्जीवित किया जा रहा है। यहां हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से अमलतास, गुलमोहर, नीम, जामुन, करंज जैसे छायादार व पर्यावरण के अनुकूल पौधों का चयन किया गया है।
आयुक्त श्रीमती प्रियंका राजावत द्वारा संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि सभी रोपित पौधों की बाउंड्री वॉल या अन्य संरचनाओं से सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
*पुलिस एवं निगम कर्मियों का पर्यावरण संरक्षण में योगदान*
कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि पुलिस विभाग एवं नगर निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण में अपनी सक्रिय भागीदारी दिखाई।
*24 जुलाई को पुनः होगा वृक्षारोपण – आमंत्रण सभी नागरिकों को*
नगर निगम खंडवा द्वारा 24 जुलाई 2025 को शकरतालाब क्षेत्र में हरियाली महोत्सव के अंतर्गत एक और वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर समस्त नागरिकों को आमंत्रित किया जाता है कि वे इस अभियान में सम्मिलित होकर एक-एक पौधा “मातृशक्ति को समर्पित” करते हुए उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी स्वयं लें।










